OM HP AYURVEDIC PRODUCTS
OM DENTA
OM DENTA
Couldn't load pickup availability
OM DENTA
1. दांत निखर मंजन |
2. मजबूत दांत |
3. स्वस्थ मसूड़े |
4. यह मुंह से संबंधित समस्याओं में मदद कर सकता है |
5. दांतों का पीलापन हटाने |
6. दांतों में दर्द होना |
7. दांतों में ठंडा गरम लगने |
8. दांतों से ब्लड आना |
9. पेट की समस्या का इलाज |
10. पेट की गैस को जड़ से खत्म करे |
11. महिलाओं के पेट दर्द को दूर |
आपके दांत पीले होने के कारण
एक चमकदार और आकर्षक मुस्कान आपके आत्मविश्वास और समग्र रूप-रंग के लिए चमत्कार कर सकती है। हालाँकि, कई लोग पीले दांतों से जूझते हैं, जो कई कारकों के कारण हो सकते हैं। इस ब्लॉग में, हम दांतों के रंग बदलने के 10 सामान्य कारणों का पता लगाएंगे, जो आनुवंशिकी से लेकर जीवनशैली विकल्पों तक हैं, और आपके दांतों को सफेद करने और आपकी चमकदार मुस्कान को वापस लाने के प्रभावी तरीकों पर चर्चा करेंगे
👇🌿OM DENTA🌿👇
ओम डेंटा ( OM DENTA ), का इस्तेमल करके आपके दांतों का पिलापन, दांतों की समस्या, दांतों में दर्द रहता है या पेट में गैस और कब्ज रहता है यह खट्टी डकार आती है लिवर फैटी रहता है, लिवर में समस्या है गैस की समस्या है और सभी को ठीक होता है केवल एक हफ्ते के अंदर-अंदर इसे जमाएं और अपने मुंह की सभी बिमारियों से छुटकारा पाएं।
घर पर दांतों का पीलापन हटाने के लिए अपनाएं ये 3 तरीका, मुस्कान में भी आ जाएगी चमक
दांतों का पीलापन एक आम समस्या है, जो न सिर्फ आपकी मुस्कान को फीका बनाता है, बल्कि आत्मविश्वास को भी प्रभावित करता है। दांतों के पीलापन को आप OM DENTA का इस्तेमाल करके आसानी से दूर कर सकते हैं।
कब्ज क्या है — Constipation in Hindi
जब किसी इंसान का मल बहुत कड़ा हो जाता है और मल त्याग करते समय परेशानी होती है तो उस स्थिति को कब्ज कहा जाता है। कब्ज होने पर पाचन तंत्र खराब हो जाता है। पाचन तंत्र के खराब होने के कारण शरीर से मल निकलने की मात्रा बहुत कम हो जाती है और मल निकालने के लिए अधिक जोर लगाना पड़ता है। कब्ज के दौरान मल निकलने की आवृति यानी संख्या भी घट जाती है। मल कड़ा होने के चलते कई बार मल त्याग करते समय पेट और गुदा में दर्द तथा काफी परेशानियां होती हैं।
वैज्ञानिक तौर एक स्वस्थ्य इंसान को सप्ताह में कम से कम 12 बार मल त्याग करना चाहिए। 7 दिन में 12 बार मल त्याग करना स्वस्थ शरीर का लक्षण होता है। कब्ज में सिर्फ गैस की समस्या होती है यानी पेट में सिर्फ गैस बनती है। कब्ज की बीमारी किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है।

आजकल कब्ज की समस्या से बच्चे, बुजुर्ग और लगभग सभी उम्र के लोग जूझ रहे हैं। अनियमित जीवनशैली के कारण लोग दो या तीन दिन तक मल त्याग नहीं कर पाते हैं जो की कब्ज की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। कब्ज का इलाज यदि समय पर नहीं किया गया तो शरीर में अनेकों बीमारियां पैदा हो सकती हैं। एक स्वस्थ इंसान को 24 घंटे में न्यूनतम 2 बार (सुबह और शाम) मल त्याग करना चाहिए क्योंकि इससे पेट साफ रहता है। जब पेट साफ रहता है तो पेट संबंधित कोई भी बीमारी उत्पन्न नहीं होती है और कब्ज की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
Share
